Monday, 12 January 2026

“सांदीपनि आश्रम, उज्जैन – श्रीकृष्ण की शिक्षा और गुरु-शिष्य परंपरा की भूमि”

सांदीपनि आश्रम उज्जैन – श्रीकृष्ण की शिक्षा भूमि

सांदीपनि आश्रम, उज्जैन – भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली

सांदीपनि आश्रम मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित एक अत्यंत पवित्र और ऐतिहासिक स्थल है। यह वही स्थान है जहाँ भगवान श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा ने अपने गुरु महर्षि सांदीपनि से शिक्षा प्राप्त की थी।

पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व

पुराणों के अनुसार, महर्षि सांदीपनि वेद, शास्त्र, धनुर्विद्या और धर्मशास्त्र के महान आचार्य थे। भगवान श्रीकृष्ण ने यहीं से गुरु-शिष्य परंपरा का आदर्श स्थापित किया। आज भी यह आश्रम शिक्षा, संस्कार और विनम्रता का प्रतीक माना जाता है।

नवग्रह मंदिर और कुंड

सांदीपनि आश्रम परिसर में नवग्रह मंदिर स्थित है, जहाँ भक्त ग्रह शांति के लिए पूजा-अर्चना करते हैं। यहाँ एक पवित्र कुंड भी है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।

आध्यात्मिक वातावरण

आश्रम का वातावरण शांत, सात्विक और ध्यान के लिए अत्यंत उपयुक्त है। यहाँ आने वाले श्रद्धालु मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करते हैं।

कैसे पहुँचें

सांदीपनि आश्रम उज्जैन रेलवे स्टेशन से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहाँ ऑटो, टैक्सी और निजी वाहन से आसानी से पहुँचा जा सकता है।

यदि आप शिक्षा, संस्कार और अध्यात्म से जुड़े पवित्र स्थलों में रुचि रखते हैं, तो सांदीपनि आश्रम, उज्जैन अवश्य दर्शन करें।

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“सिद्धवट मंदिर, उज्जैन – पितृ दोष निवारण और मोक्ष की पावन स्थली”

सिद्धवट मंदिर उज्जैन – पितृ मोक्ष की पावन भूमि

सिद्धवट मंदिर, उज्जैन – मोक्ष और पितृ तृप्ति की पावन स्थली

मध्य प्रदेश की धर्मनगरी उज्जैन में स्थित सिद्धवट मंदिर हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और रहस्यमयी स्थान माना जाता है। यह मंदिर विशेष रूप से पितृ दोष निवारण, श्राद्ध और पिंडदान के लिए प्रसिद्ध है।

सिद्धवट का पौराणिक महत्व

मान्यता है कि यह वही स्थान है जहाँ भगवान राम, सीता और लक्ष्मण ने वनवास के समय विश्राम किया था। यहाँ स्थित वट वृक्ष (बरगद) को अमर माना जाता है, जिसे सिद्धवट कहा जाता है।

पितृ दोष और सिद्धवट

जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष होता है या जिनके पूर्वजों की आत्मा को शांति नहीं मिली होती, वे यहाँ आकर पिंडदान और तर्पण करते हैं। ऐसा माना जाता है कि सिद्धवट में किए गए कर्मों से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

मंदिर का वातावरण

शिप्रा नदी के तट पर स्थित यह स्थान अत्यंत शांत और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर है। यहाँ आने वाले श्रद्धालु ध्यान, पूजा और आत्मिक शांति का अनुभव करते हैं।

कैसे पहुँचें

सिद्धवट मंदिर उज्जैन रेलवे स्टेशन से कुछ ही दूरी पर स्थित है। यहाँ ऑटो, टैक्सी और स्थानीय साधनों से आसानी से पहुँचा जा सकता है।

यदि आप पितृ दोष निवारण, श्राद्ध या आध्यात्मिक शांति की तलाश में हैं, तो सिद्धवट मंदिर, उज्जैन अवश्य जाएँ।

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Saturday, 10 January 2026

Mangalnath Mandir Ujjain Darshan Guide | Mangal Dosh Nivaran

Mangalnath Mandir Ujjain Darshan

Mangal Dosh Nivaran ka pramukh mandir

🔱 Mangalnath Mandir Ujjain ka Mahatva

Mangalnath Mandir Ujjain Bharat ka ekmatra aisa mandir mana jata hai jahan Mangal Grah ka janm hua tha. Yeh pavitra mandir Madhya Pradesh ke Ujjain shahar me Shipra nadi ke tat par sthit hai.

Jyotish shastra ke anusaar, jinke kundli me Mangal Dosh hota hai, unke liye Mangalnath Mandir me puja karna atyant labhdayak mana jata hai.

Google Entity Signals:
Place: Ujjain
Temple: Mangalnath Mandir
Planet: Mangal Grah
Ritual: Mangal Dosh Nivaran Puja

🕉️ Mangal Dosh Nivaran Puja

Mangalnath Mandir Ujjain me Mangal Dosh Nivaran Puja vishesh vidhi se ki jati hai. Is puja se:

  • Vivah me aa rahi badha dur hoti hai
  • Karz aur sangharsh kam hota hai
  • Jeevan me sthirta aati hai

⏰ Mangalnath Mandir Darshan Timing

  • Subah: 6:00 AM – 12:00 PM
  • Shaam: 2:00 PM – 9:00 PM

📜 Mangalnath Mandir ka Itihas

Puranon ke anusaar, Ujjain ko Prithvi ka Kendra mana gaya hai. Yahin se Bharatiya Jyotish ki ganana shuru hoti hai. Mangalnath Mandir isi jyotishiya mahatva ka pratik hai.

📍 Mangalnath Mandir kaise pahuche

  • Railway: Ujjain Junction
  • Airport: Indore (70 km)
  • Local: Auto, Taxi, E-Rickshaw

🙏 Ujjain Mandir Darshan Tour Package

Agar aap Mangalnath Mandir ke saath Mahakal Mandir, Harsiddhi Mata aur Kaal Bhairav darshan karna chahte hain, to hamara Ujjain tour package best rahega.

WhatsApp: 7773830908

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Friday, 9 January 2026

काल भैरव मंदिर उज्जैन – मदिरा अर्पण की अनोखी परंपरा, दर्शन समय व रहस्य

काल भैरव मंदिर उज्जैन के सबसे रहस्यमय और शक्तिशाली मंदिरों में से एक है। यह मंदिर भगवान शिव के उग्र रूप काल भैरव को समर्पित है, जिन्हें उज्जैन (प्राचीन अवंतिका) का कोतवाल माना जाता है। महाकाल की नगरी में दर्शन की यात्रा तब तक पूर्ण नहीं मानी जाती, जब तक काल भैरव के दर्शन न हो जाएँ। --- 📍 काल भैरव मंदिर कहाँ स्थित है? स्थान: भैरवगढ़, उज्जैन, मध्य प्रदेश महाकाल मंदिर से दूरी: लगभग 6 किमी निकटतम रेलवे स्टेशन: उज्जैन जंक्शन निकटतम एयरपोर्ट: इंदौर (देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट) --- 🕉️ काल भैरव कौन हैं? काल भैरव, भगवान शिव के रौद्र स्वरूप हैं। शास्त्रों के अनुसार ब्रह्मा के अहंकार को नष्ट करने के लिए शिव ने भैरव रूप धारण किया। काल भैरव समय (काल) के स्वामी माने जाते हैं और नकारात्मक शक्तियों, भय, तंत्र-बाधा और अकाल मृत्यु से रक्षा करते हैं। --- 🍶 मदिरा अर्पण की अनोखी परंपरा काल भैरव मंदिर की सबसे विशेष परंपरा मदिरा अर्पण है। यहाँ भक्त भगवान को शराब अर्पित करते हैं, जिसे पुजारी पात्र के माध्यम से अर्पित करते हैं। ऐसा माना जाता है कि यह मदिरा स्वयं भगवान स्वीकार करते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और भक्तों की गहरी आस्था का प्रतीक है। > मान्यता: काल भैरव को मदिरा अर्पण करने से भय, कष्ट और शत्रु बाधा से मुक्ति मिलती है। --- 🙏 दर्शन का महत्व और लाभ भय और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा तंत्र-बाधा और बाधाओं से मुक्ति कार्यों में सफलता और आत्मविश्वास राहु–केतु दोष एवं ग्रह बाधा में शांति विशेष रूप से शनिवार, अष्टमी तिथि और कालाष्टमी के दिन यहाँ भारी भीड़ रहती है। --- ⏰ मंदिर दर्शन समय प्रातः: 6:00 बजे से सायं: 8:00 बजे तक विशेष दिन: शनिवार, कालाष्टमी, भैरव जयंती (त्योहारों पर समय में परिवर्तन संभव है) --- 🧭 दर्शन के नियम और सुझाव मदिरा मंदिर परिसर के बाहर अधिकृत दुकानों से ही लें कैमरा/वीडियो अंदर प्रतिबंधित हो सकता है शनिवार को जल्दी पहुँचना बेहतर रहता है प्रसाद के रूप में उड़द की दाल, नारियल, फूल चढ़ाए जाते हैं --- 🌸 महाकाल दर्शन के बाद काल भैरव क्यों? मान्यता है कि महाकाल के दर्शन के बाद काल भैरव के दर्शन से ही यात्रा पूर्ण होती है, क्योंकि वे नगरी के रक्षक हैं। कई श्रद्धालु पहले काल भैरव और फिर महाकाल दर्शन भी करते हैं। --- 🚩 कैसे पहुँचे? ऑटो/कैब: उज्जैन शहर से आसानी से उपलब्ध बस: भैरवगढ़ मार्ग पर नियमित बस सेवा निजी वाहन: पार्किंग की सुविधा उपलब्ध --- 📞 उज्जैन दर्शन टूर पैकेज (WhatsApp) अगर आप महाकाल, काल भैरव और उज्जैन के प्रमुख मंदिरों के लिए सुविधाजनक दर्शन टूर चाहते हैं, तो नीचे दिए गए WhatsApp बटन पर संपर्क करें। 📲 उज्जैन दर्शन टूर पैकेज – WhatsApp बुकिंग अगर आप महाकाल, काल भैरव, हरसिद्धि माता और उज्जैन के प्रमुख मंदिरों के लिए गाइड सहित टूर पैकेज चाहते हैं, तो नीचे दिए गए WhatsApp बटन पर क्लिक करें। --- ✨ निष्कर्ष काल भैरव मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, रहस्य और शक्ति का संगम है। यहाँ आकर भक्त अपने भय, बाधाएँ और नकारात्मकता भगवान को समर्पित कर शांति और साहस का अनुभव करते हैं। उज्जैन यात्रा में काल भैरव दर्शन अवश्य करें। जय महाकाल | जय काल भैरव 🔱

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Thursday, 8 January 2026

“Mata Harsiddhi Mandir Ujjain Darshan | Ujjain Mandir Tour Package”



हर्षिद्धि मंदिर उज्जैन – शक्तिपीठ, इतिहास व दर्शन जानकारी

हर्षिद्धि मंदिर उज्जैन – शक्ति, आस्था और दीप स्तंभों का अद्भुत संगम

Harsiddhi Mandir Ujjain

हर्षिद्धि मंदिर उज्जैन का एक प्रमुख और प्राचीन शक्तिपीठ है। यह मंदिर मां आदिशक्ति को समर्पित है और उज्जैन के प्रमुख धार्मिक स्थलों में इसकी गिनती होती है। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के बाद श्रद्धालु हर्षिद्धि माता के दर्शन अवश्य करते हैं।

🔱 हर्षिद्धि मंदिर का पौराणिक महत्व

पुराणों के अनुसार, यह स्थान 51 शक्तिपीठों में से एक है। माना जाता है कि जब माता सती का शरीर भगवान शिव के तांडव के दौरान विभिन्न स्थानों पर गिरा, तब हर्षिद्धि में उनकी कोहनी गिरी थी। इस कारण यहां माता को हर्ष सिद्धि देवी के रूप में पूजा जाता है।

📜 मंदिर का इतिहास

हर्षिद्धि मंदिर का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। वर्तमान स्वरूप मराठा काल में विकसित हुआ। मंदिर के सामने स्थित दो विशाल दीप स्तंभ इसकी पहचान हैं, जो नवरात्रि और विशेष पर्वों पर जलते हुए अत्यंत भव्य दृश्य प्रस्तुत करते हैं।

🔥 दीप स्तंभ – मंदिर की विशेष पहचान

हर्षिद्धि मंदिर के दो ऊँचे दीप स्तंभ उज्जैन के प्रमुख आकर्षण हैं। नवरात्रि के समय जब इनमें सैकड़ों दीपक प्रज्वलित होते हैं, तब पूरा क्षेत्र दिव्य प्रकाश से भर जाता है।

🛕 दर्शन का महत्व

  • नवरात्रि में विशेष पूजा और भीड़
  • शक्ति साधना के लिए श्रेष्ठ स्थान
  • महाकाल दर्शन के साथ संपूर्ण यात्रा

📍 मंदिर कैसे पहुँचें?

हर्षिद्धि मंदिर उज्जैन रेलवे स्टेशन से लगभग 2 किमी की दूरी पर स्थित है। ऑटो, ई-रिक्शा और टैक्सी आसानी से उपलब्ध हैं।

🙏 दर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ समय

सुबह और शाम का समय दर्शन के लिए उत्तम होता है। नवरात्रि, महाशिवरात्रि और त्योहारों पर विशेष भीड़ रहती है।

📞 उज्जैन मंदिर दर्शन टूर पैकेज

महाकाल, हर्षिद्धि, काल भैरव, मंगलनाथ सहित संपूर्ण उज्जैन दर्शन के लिए अभी संपर्क करें।

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